श्रावण/सावन सोमवार व्रत कथा | Sawan Somvar Vrat Katha PDF Download

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PDF NameSawan Somvar Vrat Katha PDF
LanguageHindi
No. of Pages1 Page
Size888 KB
CategoryReligious
QualityExcellent

Sawan Somvar Vrat Katha PDF

सावन का महिना हिन्दू धर्म के लिए बहुत ही बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है| और ऐसा मान जाता है कि सावन का महिना भगवान शिव का सबसे प्रियतम महिना है| शिव पुराण के अनुशार श्रावण मास में जो भी भगवान शिव की पूजा और अराधाना करते है, उनकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है और महादेव का विशेष आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहता है|

वैसे आप सभी को पता ही है कि महादेव त्रिदेवों में से एक है और इनकी शक्ति अपार है| महादेव का जो भी सच्चे श्रद्धा के साथ पूजा पाठ करते है महादेव उनकी सभी कष्टों का नाश कर देते है|

शास्त्रों के अनुसार तो यह भी कहा गया है कि जो भी कन्या सावन मास में भगवान शिव का व्रत और पूजा करेगी, उन्हें मनवांछित वर की प्राप्ति होती हैं, इसलिए महादेव की पूजा और व्रत सभी कन्याओं के साथ सभी सभी विवाहित स्त्री को करनी चाहिए, ताकि उनका गृहस्त जीवन में कोई भी कस्ट न आयें|

वैसे सावन के इस महीने में भक्तों के द्वारा तिन प्रकार के व्रत किये जाते है|

सावन सोमवार व्रत का यह दिनांक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश एवं पंजाब के लिए है|

गुरुवार, 14 जुलाईश्रावण मास का पहला दिन
सोमवार, 18 जुलाईसावन सोमवार व्रत
सोमवार, 25 जुलाईसावन सोमवार व्रत
सोमवार, 01 अगस्तसावन सोमवार व्रत
सोमवार, 08 अगस्तसावन सोमवार व्रत
शुक्रवार, 12 अगस्तश्रावण मास का अंतिम दिन

सावन सोमवार की यह दिनांक पश्चिम और दक्षिण भारत के लिए हैं|

शुक्रवार, 29 जुलाईश्रावण मास का पहला दिन
सोमवार, 01 अगस्तसावन सोमवार व्रत
सोमवार, 08 अगस्तसावन सोमवार व्रत
सोमवार, 15 अगस्तसावन सोमवार व्रत
सोमवार, 22 अगस्तसावन सोमवार व्रत
शनिवार, 27 अगस्तश्रावण मास का अंतिम दिन

सावन सोमवार व्रत का पूजा विधि:

नीचे दिए गए प्रक्रिया को पढ़कर आप इस व्रत की विधि को पूरा कर सकते हैं-

  • सूर्योदय होने से पहले उठकर स्नान कर लेना हैं|
  • फिर आपको पूजा स्थल को साफ कर वेदी स्थापित करनी है|
  • भगवान शिव के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करनी है|
  • फिर पुरे श्रद्धा के साथ महादेव के व्रत का संकल्प लेनी है|
  • दिन में दो बार (सुबह और संध्या) भगवान शिव का प्रार्थना अच्छा माना जाता है|
  • फिर आप भगवान शिव को फूल अर्पित कर सकते है|
  • आप दिया के लिए तिल के तेल का उपयोग कर सकते है|
  • मंत्र का उच्चारण करके आप भगवान शिव को सुपारी, फूल, फल, पञ्च अमृत, नारियल और बेल का पत्ता अर्पित करें|
  • व्रत के दौरान स्वान व्रत कथा का पाठ अवश्य करें और इसे बहुत ही शुभ माना जाता है|
  • इस प्रकार व्रत की पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद का वितरण जरुर करें|
  • संध्याकाल में पूजा समाप्ति के बाद अपना व्रत खोल सकते है|

Download Sawan Somvar Vrat Katha PDF

नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक कर इस पवित्र व्रत कथा को फ्री में डाउनलोड कर सकते है|

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